सरल लेकिन सख्त कार्रवाई: जनपद पंचायत सीईओ अशिष्ट व्यवहार के आरोप में निलंबित

दुर्ग, 1 जून। सुशासन तिहार के दौरान आम नागरिकों के साथ कथित अशिष्ट व्यवहार और शासकीय कार्यों में लापरवाही के आरोपों पर दुर्ग संभाग के आयुक्त ने जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को निलंबित कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, सुशासन तिहार के तहत ग्राम थनौद में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर के दौरान सीईओ का आम जनता के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए एक वीडियो सामने आया था। वीडियो के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि संबंधित अधिकारी ने न केवल अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती, बल्कि नागरिकों के प्रति अशिष्ट आचरण भी किया।
इस मामले में पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर अधिकारी से जवाब मांगा गया था, लेकिन उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।
आदेश में कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोकसेवकों का आम नागरिकों के प्रति शिष्ट और संवेदनशील व्यवहार अपेक्षित है। किसी भी शासकीय सेवक द्वारा जनता के साथ दुर्व्यवहार को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को सरकार की “जनता के प्रति जवाबदेही और सुशासन” की नीति के अनुरूप एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट संकेत दिया गया है कि जनता से दुर्व्यवहार या कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




